ख़लिश-ए-पैहम मुद्दत से छुपाये बैठे हैं, एक पत्थरदिल से दिल लगाये बैठे हैं। ख़लिश-ए-पैहम मुद्दत से छुपाये बैठे हैं, एक पत्थरदिल से दिल लगाये बैठे हैं।
नमकीन आँसुओं सा स्वाद रहा। नमकीन आँसुओं सा स्वाद रहा।
बहना दे लावा दिल के ग़मों का सहलाने दे मन को प्यार की मरहम से बहना दे लावा दिल के ग़मों का सहलाने दे मन को प्यार की मरहम से
शायरी की जान हैं ये, मगर सच मे हत्यारे हैं ! शायरी की जान हैं ये, मगर सच मे हत्यारे हैं !
कुछ खुशियाँ मुझे बहलाती हैं स्याह रात की प्याली में। कुछ खुशियाँ मुझे बहलाती हैं स्याह रात की प्याली में।
गम मुझसे कहता है करो बंदगी मुझसे डराकर फुसलाता कराता भेट गम आता मेरे पास रोज रोज करता है ... गम मुझसे कहता है करो बंदगी मुझसे डराकर फुसलाता कराता भेट गम आता मेरे पास ...